*ससुराल की आभारी होते हुए उसे धन्यवाद देती हूँ।*
*सुन ससुराल*----------
*अच्छा लगता हैं तेरा साथ*
*अब तक जो किया सफर*
*थामकर तेरा हाथ*
*पहला पाँव जब धरा था*
*तेरे नाम से ही मन डरा था*
*बिन आवाज़ थालियों को उठाया था*
*साड़ी में एक एक कदम डगमगाया था*
*रस्मों रिवाजों को मैने तहेदिल से निभाया था*
*खनकती चुड़ियों से कड़छी को चलाया था*
*डरते डरते पहली बार खाना बनाया था*
*बस ऐसे ही मैंने*
*सबको अपना बनाया था*
*सुन ससुराल*-------
*तुम साक्षी हो मेरे एक एक पल के*
*वो पिया मिलन*
*वो पहली बार जी मिचलाना*
*खट्टी चीज़ों पर मन ललचाना*
*वो पहली बार*
*अपने अंदर जीवन महसूस करना*
*कपड़े सुखाने आँगन में डोलना**
*पापड़ का कच्चा कच्चा सा सेंकना*
*गोल रोटी के लिये जद्दोजहद करना*
*दाल का तड़का, दूध का उफनना*
*कटी हुई भिंडी को धोना*
*पहली बार हलवे का बनाना*
*पहली दिवाली पर दुल्हन सी सजना*
*तीज व करवा चौथ पर मनुहार* *करवाना*
*हाँ ससुराल*
*तुम्हीं ने दिये ये अनमोल पल*
*वधु बन आयी थी*
*तुम्हीं थे जिसने सर आँखों बैठाया*
*बड़े स्नेह से अपनापन जताया*
*यही आकर मैंने सब सीखा और जाना*
*क ब किसे मनाना तो कब किसे सताना*
*एक ही समय में*
*मैंने कितने किरदारों को निभाया*
*खुद को खो खोकर मैंने खुद को* *पाया*
*सुन ससुराल*---------
*मायके के आगे भले ही*
*हमेशा उपेक्षित रहे तुम*
*लेकिन*
*फिर भी मेरे अपने रहे तुम*
*मायके में भी मेरा सम्मान रहे तुम*
*मेरे बच्चों की गुंजे जहाँ* *किलकारियाँ*
*वो आँगन रहे तुम*
*मेरे हर सुख दुख के साक्षी रहे तुम*
*सुन ससुराल*--------
*पीहर की गलियाँ याद आती हैं*
*गीत बचपन के गुनगुनाती हैं*
*लेकिन*
*मायके में भी तेरी बात सुहाती हैं*
*तेरा तो ना कोई सानी हैं*
*तू ही तो मेरे उतार चढ़ाव की कहानी हैं*
*कितने सबक़ तुने सिखाये*
*पाठशाला ये कितनी पुरानी हैं*
*सुन ससुराल*--------
*अब तू ससुराल नहीं मेरा घर हैं ।*...
☺😍😍😘😅😄🤗
*सुन ससुराल*----------
*अच्छा लगता हैं तेरा साथ*
*अब तक जो किया सफर*
*थामकर तेरा हाथ*
*पहला पाँव जब धरा था*
*तेरे नाम से ही मन डरा था*
*बिन आवाज़ थालियों को उठाया था*
*साड़ी में एक एक कदम डगमगाया था*
*रस्मों रिवाजों को मैने तहेदिल से निभाया था*
*खनकती चुड़ियों से कड़छी को चलाया था*
*डरते डरते पहली बार खाना बनाया था*
*बस ऐसे ही मैंने*
*सबको अपना बनाया था*
*सुन ससुराल*-------
*तुम साक्षी हो मेरे एक एक पल के*
*वो पिया मिलन*
*वो पहली बार जी मिचलाना*
*खट्टी चीज़ों पर मन ललचाना*
*वो पहली बार*
*अपने अंदर जीवन महसूस करना*
*कपड़े सुखाने आँगन में डोलना**
*पापड़ का कच्चा कच्चा सा सेंकना*
*गोल रोटी के लिये जद्दोजहद करना*
*दाल का तड़का, दूध का उफनना*
*कटी हुई भिंडी को धोना*
*पहली बार हलवे का बनाना*
*पहली दिवाली पर दुल्हन सी सजना*
*तीज व करवा चौथ पर मनुहार* *करवाना*
*हाँ ससुराल*
*तुम्हीं ने दिये ये अनमोल पल*
*वधु बन आयी थी*
*तुम्हीं थे जिसने सर आँखों बैठाया*
*बड़े स्नेह से अपनापन जताया*
*यही आकर मैंने सब सीखा और जाना*
*क ब किसे मनाना तो कब किसे सताना*
*एक ही समय में*
*मैंने कितने किरदारों को निभाया*
*खुद को खो खोकर मैंने खुद को* *पाया*
*सुन ससुराल*---------
*मायके के आगे भले ही*
*हमेशा उपेक्षित रहे तुम*
*लेकिन*
*फिर भी मेरे अपने रहे तुम*
*मायके में भी मेरा सम्मान रहे तुम*
*मेरे बच्चों की गुंजे जहाँ* *किलकारियाँ*
*वो आँगन रहे तुम*
*मेरे हर सुख दुख के साक्षी रहे तुम*
*सुन ससुराल*--------
*पीहर की गलियाँ याद आती हैं*
*गीत बचपन के गुनगुनाती हैं*
*लेकिन*
*मायके में भी तेरी बात सुहाती हैं*
*तेरा तो ना कोई सानी हैं*
*तू ही तो मेरे उतार चढ़ाव की कहानी हैं*
*कितने सबक़ तुने सिखाये*
*पाठशाला ये कितनी पुरानी हैं*
*सुन ससुराल*--------
*अब तू ससुराल नहीं मेरा घर हैं ।*...
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