क्या. तेरा कोई. स्थायी. पता. है
आखिर. क्या है तेरा ठिकाना।
पर. तू न. कहीं मिला मुझको
बड़ी बड़ी दुकानों. में
स्वादिस्ट पकवानों. में
चोटी. के. धनवानों. में
चोटी. के. धनवानों. में
बल्कि मुझको. ही पूछ. रहे. थे
ये सुख आखिर कहाँ रहता है?
जो सुबह शाम. अक्सर. मिलता था
पर ये कोशिश भी काम न आई
हौसले थकान. पे. है
अब. भी. बची हुई. है आस
सुख. के. रहस्य को. जानूंगा
मेरे साथ रहा करता. था
मेरा. सुख मुझसे जुदा. हो गया।
जारी रखी उसकी तलाश
क्या. मुझको. ढूंढ. रहा है भाई
तेरे. ही. घर. में. बसा. हुआ. हूँ
सिक्कों. में. मुझको. न. तोल
हारमोनियम की. तानों में. हूँ
"परिवार" के. संग. जीने. में
रसोई घर के पफवानो में
माँ की निश्छल ममता में हूँ
और अक्सर तुझसे कहता हूँ
बंद कर दे तु मेरी तलाश
आज को जी ले कल की न सोच
मेरे लिए कभी दुखी ना होना 



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